shakuntala devi biography in hindi(शकुंतला देवी की जीवनी हिंदी में)

 introducton about shauktala devi

कंप्यूटर का क्या महत्व है और वैसे हो भी क्यों ना क्योंकि लगभग हर काम ही आप कंप्यूटर से ही जुड़ा हुआ है हालांकि दोस्तों आज की इस article  में हम कंप्यूटर की बात तो नहीं करने वाले लेकिन बात करेंगे 10:00 रिमाइंड कंप्यूटर के नाम से पहचाने जाने वाली एक महिला के बारे में जिन्हें की शकुंतला देवी के नाम से भी जाना जाता है और शकुंतला देवी के दिमाग का कैलकुलेशन अपने जमाने की कंप्यूटर को भी मात दे दे दी थी यहां तक कि 2020 तक के घोड़े को शकुंतला देवी ने करके दिखाया है और इन्हीं कारणों की वजह से ही उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड है और 1970 के बीच में महिला को एक बार फिर से याद किया जा रहा है क्योंकि उन्हें के ऊपर ही आधारित एक बॉलीवुड मूवी 2020 में रिलीज होने वाली है और इसके अंदर विद्या बालन देवी के किरदार निभाती हुई नजर आएंगी article  में आने की कोशिश करते हैं कि आखिर कौन थी और उन्होंने इस तरह से भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया


1. real name   shakuntala devi 
2. age83 वर्ष (मृत्यु तक)
3: religion  hindu religion
4. date of birth 04-11-1929
1. daughter's name  Anupama Banerji

1:shakuntala devi kaun thi

कहानी की शुरुआत होती है 4 नवंबर 1929 का जन्म भारत में हुआ था उनके पिता का नाम ताकि उनकी मां का नाम योगिनी था और दोस्तों यूं तो शकुंतला देवी एक ब्राह्मण परिवार से थी और उनका 


खानदानी काम पुजारी बनना था लेकिन उनके पिता को यह काम पसंद नहीं था और इसी वजह से शकुंतला देवी के पिता घर छोड़कर भाग गए थे और फिर घर छोड़ने के बाद उन्होंने एक सर्कस में काम किया और दोस्तों इसी तरह से जब एक बार शकुंतला देवी सिर्फ 6 साल की थी तब उनके पिता उन्हें कार्ड का एक ट्रिक बता रहे थे और फिर उस समय शकुंतला ने कुछ ऐसा कर दिखाया कि उनके पिता को यह समझ आ गया था कि उनकी बेटी जीनियस है सभी को घर में डाल देने वाले विश्वमित्र अपनी बेटी से हर बार ही हाथ जाया करते थे इस बात का जब विश्वास नहीं हुआ तब उन्होंने लगातार पूरे दिन अपनी बेटी के साथ थी लेकिन उसी दिन ही काट को सीखने के बावजूद शकुंतला ने अपने पिता को एक बार भी नहीं दिया और दो इसको देखने के बाद से विश्वामित्र के काम को छोड़कर अपनी बेटी के टैलेंट को लोगों तक पहुंचाने का फैसला किया और फिर अलग-अलग जगहों पर जाकर उन्होंने कई सारे पब्लिक स्कूल के 

अलावा शकुंतला देवी मैथमेटिक्स के बड़े बड़े calculation करने के लिए जानी जाती थी और कागज की जरूरत पड़ती nahi थी वह अपने दिमाग में ही सब कुछ इसी तरह की चर्चाएं तेजी से फैलने लगी तब मैसूर यूनिवर्सिटी के अपने वहां बुलाया और फिर शकुंतला के टैलेंट को भागने लगे और दोस्तों यहां पर भी उन्हें कैलकुलेशन करने के लिए जब कुछ सवाल दिए गए तब उनके जवाब शकुंतला ने कुछ ही सेकंड में देती है और इस बात से वहां पर मौजूद बड़े-बड़े गणितज्ञ भी हैरान रह गए थे और दोस्तों कमाल की बात तो यह थी कि

2:shakuntala devi education

 शकुंतला देवी ने कुछ खास पढ़ाई की थी और ना ही उनके पास किसी कॉलेज की डिग्री थी लेकिन उनका दिमाग कुछ ऐसा था कि वह एक बार जो चीज याद कर लेती थी उसे कभी भी नहीं बोलती थी और फिर शकुंतला की चर्चाएं ना सिर्फ भारत तक सीमित रही बल्कि उनके टैलेंट को विदेशों में भी लोग जाने लगी और फिर एक बार उन्हें ब्रॉडकास्टिंग कंपनी बीबीसी के शो में बुलाया गया और यहां पर इस

3:डलास यूनिवर्सिटी में शकुंतला देवी को बुलाया गया

 शो के होस्ट नया निर्णय लिया कि शकुंतला देवी सेवा ऐसे सवाल पूछेंगे उसका जवाब कभी भी नहीं दे पाएंगे और फिर सवाल पूछे जाने के बाद से जब शकुंतला देवी ने उत्तर दिया तब वह उसके उत्तर से अलग निकल कर आया और फिर बाद में पता लगा किसके पास जो उत्तर है वही गलत है और दोस्तों सबसे बड़ी ब्रॉडकास्टिंग कंपनी पर आने के बाद से शकुंतला की पहचान और भी दूर-दूर तक हो गई और फिर दोस्तों इसी तरह से एक बार फिर से एक्सेस के डलास यूनिवर्सिटी में शकुंतला देवी को बुलाया गया और यहां पर उनका सामना उस समय के सबसे अच्छी तकनीक वाले कंप्यूटर से करवाने का सोचा गया और इस शो में शकुंतला देवी को 201 अंकों का 23 वा रूट निकालने के लिए कहा गया और 200 कंप्यूटर ने जहां 62 सेकंड लगा दिए इस सवाल को हल करने के लिए वही शकुंतला देवी ने मात्र 50 सेकंड का ही समय लेकर इस सवाल को हल कर दिया था और दोस्तों इस इवेंट के बाद से ही पूरी दुनिया में शकुंतला देवी के नाम से फेमस होने लगी और आगे भी उनके लिए बुलाया गया और दोस्तों फॉर्मर प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया इंदिरा गांधी ने शकुंतला देवी को मैथमेटिकल कहा था कि इन्हीं उपलब्धियों के बीच

4:shakuntala devi  husband 

1960 में शकुंतलादेवी की शादी आईएएस ऑफिसर परितोष बनर्जी से हो गया लेकिन किन्ही कारणों की वजह से यह रिश्ता ज्यादा नहीं चल पाया और 1979 में दोनों ने तलाक ले लिया हालांकि इन सभी दौर में शकुंतला देवी ने समाज के लिए काफी सारे काम की और उनके लिखे हुए बहुत सारे किताब आज भी मस्त हैं पर लिखी गई एक किताब जब 1977 में लोगों के सामने आए तब इसका सभी नहीं काफी विरोध किया था हालांकि आजकल इस मुद्दे पर बात करना तो काफी आम हो गया है 
इसके अलावा को एक एस्ट्रोलॉजर के तौर पर भी लोगों के सामने आए और फिर एक काम के बारे में जब 

5:shakuntala devi death(निधन)

शकुंतला देवी से पूछा गया तब उन्होंने बताया कि उनका खानदानी पेशा है और इसको करना वह पसंद करती हैं और कई सारे उसको पाने

 के बाद से देश और समाज के लिए कार्य करते हुए 21 अप्रैल 2013 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया 


6:shakuntala devi daughter 

शकुंतला देवी की बेटी का नाम अनुपमा बनर्जी है उसकी उम्र 19 वर्ष है

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