kuldeep yadav full biography in hindi || कुलदीप यादव की पूरी जीवनी हिंदी में

 पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं हुआ करते यह शब्द अगर किसी पर बिल्कुल सटीक बैठते हैं तो वह भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते हुए खिलाड़ी कुलदीप यादव पर जो कि अपनी जादुई गेंदबाजी के घरवाले बताते हैं से कई बार भारतीय टीम को जीत दिलवाने में मदद कर चुके हैं और दोस्तों भले ही कुलदीप यादव अभी कुछ समय पहले से ही भारत के नेशनल टीम की तरफ से खेल रहे हैं लेकिन अभी तक के इस छोटे से करियर में ही उन्होंने साबित कर दिया है कि वह भारतीय क्रिकेट का वह हीरा है जिनके बिना टीम बिल्कुल अधूरी सी है और क्रिकेट का भी मानना है कि वे दुनिया के सबसे महान बॉलर्स में से एक बनने का hak rakhata है



kuldeep yadav:पहले चाइनामैन बॉलर

बात यह है कि वह भारतीय पुरुष टिकेट टीम में खेलने वाले अभी तक के पहले चाइनामैन बॉलर हैं चाइनामैन बेसिक लिए एक अलग स्टाइल में गेंदबाजी करने को कहा जाता है जैसे कि अगर आप स्पिनर्स कि अगर हम बात करें तो वह क्या करते हैं कि उन गलियों की मदद से बॉल को स्विंग करवाते हैं लेकिन अगर वहीं चाइनामैन बॉलर को देखा जाए तो वह गलियों की बजाय करवाते हैं और इस तरह से बॉलिंग करने वाले दुनिया भर में बहुत ही कम लोग पाए जाते हैं जी की वजह से पूरी दुनिया में नाम कमा चुके कुलदीप यादव की बॉलिंग तो आप सभी ने देखी होगी किसी को पता होगा इस article में हम जानते हैं कुलदीप यादव की पूरी कहानी



1. birth  14 December 1994 (age 26 years),
2. birth place    kanpur 
3. nationality  indian
4. height 5"6
5. weight  61 kilo
6. jersey number  18

कुलदीप यादव का जन्म

कहानी की शुरुआत होती है 14 दिसंबर 1994 उत्तर प्रदेश के कानपुर में कुलदीप यादव का जन्म हुआ उनके पिता का नाम राम सिंह यादव है जो के भट्टे का काम किया करते थे और उनकी मां का नाम उषा यादव जो कि एक  एक हाउसवाइफ है इसके अलावा उनकी एक बड़ी बहन भी है जिनका नाम madhu कुलदीप को वैसे तो बचपन में सपोर्ट से कुछ खा लगा नहीं था


पिता को क्रिकेट में काफी दिलचस्पी

लेकिन उनके पिता रामसिंह यादव को क्रिकेट में काफी दिलचस्पी थी और शायद उन्हीं को देखकर कुलदीप के अंदर भी इस खेल में इंटरेस्ट आया कुलदीप के घरवाले बताते हैं कि जब कुलदीप 10 साल के थे तब वह सीढ़ियों से नीचे गिर गए थे जिसकी वजह से उनके बाएं हाथ में काफी चोट आई थी और चोट की वजह से उन्हें प्लास्टर भी चढ़ाना पड़ा था और कुछ लोगों का यह मानना है कि चोट की वजह से ही उनके हाथ की कलाई की बनावट कुछ ऐसी हो गई थी कि जिससे उनके बॉलिंग करने का तरीका और थोड़ा अलग हो गया


कुछ ऐसी हो गई थी कि जिससे उनके बॉलिंग करने का तरीका और उसे थोड़ा अलग हो गया अरे यह तो कही सुनी बात है हो सकता है कि उनकी कलाई नेचुरल ही ऐसे ही हो लेकिन दोस्तों आगे चलकर यही कलाई उनके लिए वरदान साबित हो कुलदीप ने क्रिकेट में कुछ बड़ा करने के लिए कानपुर में अपनी पहली क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन की और तब उनका सपना था एक फास्ट बॉलर बनने का लेकिन उनकी हाइट की वजह से उनके सपने पर पानी फिर गया और फिर कुलदीप के कोच कपिल पांडे ने उन्हें सलाह दी क्यों नहीं करनी चाहिए और अपने कोच की बातों को मानते हुए उन्होंने एक शानदार spinner  और अपना काम शुरू कर दिया और कहते हैं कि सफलता उन्हीं के हिस्से में आती है जो कि मेहनत करना जानते हैं

मुंबई इंडियंस की टीम में शामिल

जल्दी कुलदीप और लोगों से बेहतर हो गए और उनके टैलेंट को पहचानते हुए 2012 में मुंबई इंडियंस की टीम में शामिल किया गया और यहां पर उन्होंने सचिन तेंदुलकर जैसे महान बल्लेबाजी के लिए काफी तारीफें बटोरी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन वह प्रैक्टिस के दौरान का जलवा दिखा चुके थे टीम में जगह बनाने का मौका नहीं मिल रहा था और फिर सबकी नजरों में तब आए जब 2014 के वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली थी आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हुए दिखाइए daleep trophy ma 2016 के 3 मैचों में 17 विकेट लेकर उन्होंने का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया गया था और उन्होंने भी शामिल किया गया था


और फिर शानदार परफॉर्मेंस की वजह से उन्हें देश के नेशनल टीम की तरफ से खेलने का मौका मिला और सबसे बड़ी बात यह थी कि उन्होंने 26 मार्च 2017 को पहले टेस्ट मैच में और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ किया था और उन्होंने चार विकेट चटका कर अपनी फिरकी का जादू दिखाया और फिर जल्दी उन्हें वेस्टइंडीज टूर के लिए इंडिया की टीम में भी शामिल किया गया और फिर उन्हें 23 जून 2017 को किया लेकिन बारिश की वजह से वह मैच रद्द हो गया था एक भी बाल फेंकने का मौका नहीं मिला लेकिन अपने अगले मैच में ही उन्होंने 3 विकेट चटका कर अपनी बोलिंग की ताकत दिखाई और फिर 9 जुलाई 2017 को उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ भी अपना T20 दिया


kuldeep yadav hatrick against australia

दोस्तों 21 सितंबर 2017 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच में उन्होंने एक बार फिर से लेकर एक नया रिकॉर्ड बना दिया और कपिल देव ,chetan sharma के बाद से भारतीय thishra  खिलाड़ी ban gaya jinhona hatrick li भारतीय टीम में आने के बाद से ही लगातार शानदार दिए जा रहे हैं kalam ji na sahi कहा है कि आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत और सफलता नाम की बीमारी को मारने के लिए सबसे बढ़िया दवाई उम्मीद करते हैं कि आपको कुलदीप यादव की यह कहानी जरूर पसंद आई होगी आपका बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

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