क्या आपने सुना है कि पृथ्वी भी आसमान को कभी छू सकती है शायद नहीं लेकिन आज की हमारी कहानी जिस व्यक्ति के बारे में है वह पृथ्वी और आसमान ही नहीं बल्कि उससे परे भी ऊंचाइयों को छूने के लिए बना है हम बात कर रहे हैं भारत के अगले सचिन कहे जाने वाले युवा क्रिकेटर पृथ्वी शॉ के बारे में जिन्होंने बीते कुछ समय में ही अपने टैलेंट का जलवा पूरी दुनिया में बिखेर दिया है और 18 वर्षीय पृथ्वी के लाजवाब क्रिकेटिंग शार्ट को देखकर उनके हजारों नहीं बल्कि लाखों फैंस बन चुके हैं अभी हाल ही में 4 अक्टूबर 2018 को भारतीय टीम के लिए अपने पहले टेस्ट में शानदार शतक जमाकर उन्होंने साबित कर दिया कि वह भारतीय टीम में लंबे समय तक टिकने के लिए आए हैं ऐसा नहीं है कि भारतीय टीम की तरफ से खेलते हुए पहली बार यह कारनामा किया है लेकिन उनके शॉर्ट सिलेक्शन सॉर्ट मेथड को देखते हुए हम तो यह निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि आने वाले दिनों में वह भारतीय टीम का एक अहम हिस्सा होंगे इसके अलावा भारतीय टीम और डोमेस्टिक मैसेज में तो हम उनके करिश्मे को पहले ही देख चुके हैं तो चलिए दोस्तों इस article में हम जानते हैं पृथ्वी शॉ की पूरी कहानी कि किस तरह से भारत के एक बहुत ही आम परिवार में जन्मा यह लड़का बना एक शानदार क्रिकेटर
1. birth
9 November 1999 (age 21 years)
2. test match debut 4 oct 2018 against west indies
3. nationality
indian
4. height 5"5
5. weight
55 kilo
6. ipl team delhi capitals
पृथ्वी शॉ का जन्म
कहानी की शुरुआत होती है 9 नवंबर 1999 से जब महाराष्ट्र के विरार में पृथ्वी शाह का जन्म के पिता का नाम पंकज है और वह पेशे से एक बिजनेसमैन हुआ करते थे उन्हें शुरू से ही बहुत ही ज्यादा पसंद थी और शायद यही वजह थी कि पृथ्वी को क्रिकेट के खेल में 3 साल की उम्र में ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया है पृथ्वी शॉ की उम्र 22 साल है
पृथ्वी शॉ ने मां को खो दिया
4 साल की उम्र में उनके जीवन में बहुत ही दुखद मोड़ तब आए जब उन्होंने अपनी मां को खो दिया और इस नाजुक सी उम्र में अपनी मां को खो देने का दुख शायद उन से ज्यादा और कोई भी नहीं समझता होगा लेकिन मां का साया उठने के बाद से लिखने के पिता पंकज नहीं उनके जीवन में मां और बाप दोनों की भूमिका बखूबी निभाई और चुके
विरार क्रिकेट अकैडमी में एडमिशन
शुरू से ही पंकज यह जानते थे कि उनके लड़के में क्रिकेट का टैलेंट छुपा हुआ है इसीलिए उन्होंने बचपन से इस फील्ड में करियर बनाने के लिए उन्हें सपोर्ट किया पृथ्वी को पहली बार 6 साल की उम्र में विरार क्रिकेट अकैडमी में एडमिशन दिलवाया गया और इस तरह यहीं से पृथ्वी ने प्रोफेशनल क्रिकेट की तरफ अपना पहला कदम रखे आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि पृथ्वी के पिता पंकज को अपने बेटे में शुरू से इतना पोटेंशियल नजर आ रहा था कि उन्होंने पृथ्वी शॉ की हेल्थ के लिए अपना बिजनेस तक बंद कर दिया और फिर पृथ्वी पहले तो एकेडमी में घंटों क्रिकेट सीखते और फिर शाम को उनके पिता भी उनके साथ जमकर मेहनत करते और ज्योति मेहनत का नतीजा सबके सामने है
उसके पिता चाहते थे कि पृथ्वी के अलावा अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दें इसलिए पृथ्वी ने भी अपने पिता को निराश नहीं किया और अपने शुरुआती पढ़ाई उन्होंने AVS विद्या मंदिर और इसके अलावा कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स साइंस एंड कॉमर्स भी पढ़ाई किया और दोस्तों जल्दी पृथ्वी की मेहनत रंग लाई
2 महीनों में 1446 रन
महज 11 साल की उम्र में ही उन्हें इंडियन आयल से फंडिंग मिल गई जिसकी मदद से पृथ्वी शा अपने पिता के साथ मुंबई शिफ्ट हो सके और फिर अप्रैल 2012 में मैनचेस्टर के चैनल हाल में स्कूल से पृथ्वी को खेलने के लिए बुलाया गया जहां पर उन्होंने 2 महीनों में 1446 रन बनाए थे यहां उन्होंने अपने डेब्यू मैच के दौरान सेंचुरी मारी थी इसके अलावा पृथ्वी शाह पूरी टीम की कप्तानी करते हुए दो बार टाइटल भी जीत चुके हैं साथ ही मुंबई में क्रिकेट क्लब के लिए भी खेलते हैं जहां सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर अर्जुन तेंदुलकर भी उनकी टीम में थे पहली बार लोगों की नजरों में अपनी जगह तब बनाई जब उन्होंने 2013 में अपनी स्कूल की ओर से खेलते हुए 330 गेंदों में 546 रन बनाने का एक नया रिकॉर्ड बनाया था और फिर आगे भी पृथ्वी अपने टैलेंट पर दिन रात मेहनत करते रहे और अपनी बैटिंग निकारते रहे और फिर उन्हें उनके मेहनत का फल तब जाकर मिला जब 1 जनवरी 2017 को रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में अपना फर्स्ट क्लास दिया और जहां पर भी अपने डेब्यू मैच में शानदार शतक जमायाऔर जहां पर भी अपने डेब्यू मैच में शानदार शतक जड़कर उन्होंने अपने टैलेंट का लोहा मनवाया
रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में शतक
इसके अलावा पृथ्वी खिलाड़ी है जिन्होंने सचिन के अलावा दुलीप ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में शतक लगाया है और पृथ्वी शॉ की शानदार लीडरशिप इसको देखते हुए दिसंबर 2017 में उन्हें इंडिया की अंडर-19 टीम का कप्तान बनाया गया और अपने कर्तव्य का पालन करते हुए उन्होंने अहम भूमिका और भारतीय टीम को वर्ल्ड कप जिताने में भीऔर फिर डोमेस्टिक और अंडर-19 का शानदार परफॉर्म उनके लिए आईपीएल में दिल्ली टीम की तरफ से खेलने का मौका लेकर आए और वहां पर भी लोगों का दिल जीतने के बाद से
टेस्ट डेब्यू में शतक
पृथ्वी शॉ ने भारत के इंटरनेशनल टीम में भी 4 अक्टूबर 2018 को अपनी जगह बना ली और यहां पर भी उन्होंने शानदार शतक के साथ अपना टेस्ट डेब्यू किया और पहले टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले वह यंगेस्ट इंडियन क्रिकेटर भी अभी उनके करियर की शुरुआत है क्योंकि उनकी और शॉट्स को देखकर तो बिल्कुल भी नहीं लगता कि वह आगे रुकने वाले हैं हम देखते हैं कि अपने पापा के सपनों पर खरे उतरते हैं आपका मूल्यवान समय के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद



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