Mahesh babu full biography in hindi||महेश बाबू पूरी जीवनी हिंदी में

 महेश बाबू को आज कौन नहीं जानता दर्शन महेश बाबू हीरो एक्टर हैं जिन्होंने साउथ जबसिनेमा को पूरे भारत में फेमस किया हालांकि फिल्मी दुनिया से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने सफलता अपने खुद के मेहनत पर हासिल की और किस तरह से बाल कलाकार से शुरुआत करने के बाद वह साउथ सिनेमा के सबसे पसंदीदा एक्टर बने



Mahesh babu date of birth

आज के इस article में हम पूरी कहानी जानेंगे तो इस कहानी की शुरुआत होती है 9 अगस्त 1975 से जब महेश बाबू का जन्म तमिलनाडु के चेन्नई शहर में हुआ था उनके पिता का नाम कृष्णा है जो कि खुद भी तेलुगू सिनेमा के एक जाने-माने एक्टरथे और उन्होंने भी 350 से भी ज्यादा तेलुगु फिल्मों में ऐक्टिंग की है और

Mahesh babu father

दोस्तों अपने पिता को ही देखकर महेश बाबू के मन में भी शुरू से ही एक्टिंग का शौक पैदा हो गया हालांकि बचपन में पढ़ाई लिखाई पर भी पूरा ध्यान दिया और सेंट एंग्लो इंडियन हायर सेकेंडरी स्कूल से उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई की और यहां पर पढ़ाई


करते समय तमिल सिनेमा के उभरते हुए कलाकार भारतीय शिवकुमार भी उनके क्लासमेट हुआ करते थे और फिर आगे चलकर महेश बाबू ने लोयला कॉलेज से बीकॉम की डिग्री ली दोस्तों बचपन से ही महेश को क्रिकेट का खूब शौक था जिसकी वजह से वह वीजीपी गोल्डन बीच पर अक्सर क्रिकेट खेलने के लिए जाया करते थे और दोस्तों महेश के पिता कृष्णा जो कि एक सफल आए थे इसी वजह से वह ज्यादातर समय अपनी फिल्मों की शूटिंग में ही बिजी रहते थे और इसीलिए उन्हें अपने बच्चों के साथ समय बिताने का मौका मिलता था अपने बच्चों के साथ समय बिताने का बहुत ही कम मौका मिलता था और इसी वजह से वह कोशिश करते थे इस सप्ताह में 1 दिनों की शूटिंग वीजीपी गोल्डन बीच पर ही हो जिससे कि वह महेश बाबू के साथ भी थोड़ा समय गुजार सकें और दोस्तों कृष्णा हमेशा महेश

बाबू के आईडेंटिटी को छुपाते रहे क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि एक एक्टर का बेटा होने की वजह से उन्हें कोई स्पेशल अटेंशन मिले और फिर एक बार अपनी पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद से ही महेश बाबू सत्या नंदन नाम के एक डायरेक्टर से बिल और फिर उन्होंने सत्यानंद अनकही एक्टिंग इंस्टिट्यूट सेटिंग्स देखिए और अपने पिता के नाम पर महेश बाबू को काम मिल जाता लेकिन वह अपनी मेहनत और संघर्ष के बलबूते ही आगे बढ़ना चाहते थे महेश को परेशानियों का भी सामना करना पड़ा था अपना ज्यादातर समय मथुरा में को जा रहा था और इसी वजह से वह तेलुगु पढ़ना और लिखना नहीं जानते थे और फिर निष्कर्ष यह निकल कर आता था कि कोई भी  playकरने के बाद उन्हें फिर से अपने डाला उसको डरना पड़ता अरे धीरे अभ्यास के साथ में उनके यह प्रॉब्लम भी सॉल्व हो गई और अब वह तेलुगू सिनेमा में आने के लिए पूरी तरह से तैयार बचाकर महेश बाबू के डिब्बों की बात करें तो उन्होंने एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर सिर्फ 4 साल की उम्र में गिरा नाम की एक मूवी में अपना डेब्यू किया और साथ ही वह और भी आर्ट फिल्मों में ऐसा चाइल्ड आर्टिस्ट काम कर चुके हैं डॉक्टर के तौर पर महेश बाबू ने काम शुरू किया 1999 से जब उन्होंने राजा कुमारdu की मूवी में काम किया था और महेश बाबू की पहली फिल्म लोगों के बीच में खूब


पसंद की गई और फिर नतीजा यह हुआ कि महेश बाबू नदी अवॉर्ड फॉर बेस्ट मेल डिपो से सम्मानित किया किसी को भी सफलता इतनी आसानी से प्राप्त करता है इसके बाद महेश बाबू की कई फिल्में फ्लॉप हो गईं और उनका करियर भी अब और सफल होता हुआ दिखाई दे रहा था लेकिन 2003 की फिल्म ओकाडो से महेश बाबू ने वापसी की और यह फिल्म साल की सबसे बड़ी हिट साबित हुई और फिर बहस बाबू इस फिल्म के लिए फिल्म फेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्टर तेलुगू प्राप्त किया था आगे चलकर समय के साथ महेश बाबू ने और भी बहुत सारे फिल्मों में काम कियादेख सकते हैं 

Mahesh babu wife

बात करें महेश बाबू के पर्सनल लाइफ उन्होंने नम्रता शिरोडकर से शादी की है 2002 में ऑस्ट्रेलिया में शूट की जा रही  film में मिले थे और फिर दोस्ती के बाद प्यार होने के साथी 10 फरवरी 2005 को दोनों ने शादी कर ली अपने माता-पिता को मनाने में थोड़ी देर लगी थी लेकिन आखिरकार मन गया महेश को दो बच्चे भी हैं जिनमें लड़के का नाम गौतम कृष्णा और लड़की का नाम सितारा कृष्णा है कि महेश बाबू की यह कहानी आपको जरूर ही पसंद करेगा

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