भारत इस समय दुनिया की सबसे मजबूत टीम है फिर चाहे वह T20 फॉर्मेट हो ओडीआई फॉर्मेट या फिर क्यों ना हो टीम ने हर जगह ही अपना दबदबा बनाया हुआ है और दोस्तों इस खेल में जो भारतीय टीम को ताकतवर बनाती है इसकी बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग और हर क्षेत्र में ही बेहतर होने की वजह से क्रिकेट के खेल में आज भारत की टीम दुनिया की सबसे संतुलित टीम है वैसे आज भले ही भारतीय टीम का दबदबा पूरे विश्व में छाया हुआ है लेकिन एक समय ऐसा भी था जब बल्लेबाजी तो काफी अच्छी हुआ करती थी लेकिन तेज गेंदबाजी में अच्छा न कर पाने की वजह से टीम को हार का सामना करना पड़ता था और कुछ समय पहले तक के इतिहास में भारत के अंदर में कपिल देव श्रीनाथ और जहीर खान जैसे ही कुछ गिने-चुने नाम शामिल किए जाते थे लेकिन अब अगर देखा जाए तो सब कुछ बदल गया है और में बात करने वाले हैं एक किसान के बेटे होने से लेकर भारतीय को विश करने वाले खिलाड़ी मोहम्मद शमी के बारे में रहते हुए किसी भी मैच का रुख पलटने की काबिलियत रखते हैं इस लेख में आपको मोहम्मद शमी की जीवनी के बारे में जानकारी मिलेगी लेकिन बहुत ही कम लोगों को उनकी मेहनत और संघर्ष के बारे में पता तो चले हम जानते हैं कि किस तरह से सभी को प्रभावित किया है तो
मोहम्मद शमी का जन्म कहां हुआ था || Mohammed shami age
शुरुआत होती है 3 सितंबर 1990 से जब उत्तर प्रदेश के अमरोहा में मोहम्मद शमी का जन्म हुआ उनके पिता का नाम तौसीफ अहमद था जो कि एक किसान थी और खेतीबाड़ी करते हुए वह अपने बच्चों की देखभाल किया करते थे वैसे दोस्त shamiकी गरीबी खेलकूद के बीच नहीं आई और वह बचपन से ही तेज गेंदबाजी करना पसंद किया करते थे और फिर बचपन से ही क्रिकेट के अंदर passion को देखते हुए मोहम्मद समझ गए थे कि उनका
खेल में उनका बेटा जरूर ही कुछ बड़ा करेगा 2020 में मोहम्मद शमी की उम्र 30 हैऔर इसीलिए बार शमी को 15 साल की उम्र में बदरुद्दीन सिद्दीकी के पास ले गए जो कि मुरादाबाद के क्रिकेट कोच थी और फिर यहां पर आने के बाद मोहम्मद शमी को गेंदबाजी करते हुए देख बदरुद्दीन भी काफी प्रभावित हुए और तभी से उन्होंने सामी को ट्रेनिंग देना शुरू कर दें और दोस्तों इस दौरान कई सालों तक मोहम्मद शामी ने कभी भी अपनी बॉलिंग प्रैक्टिस नहीं छोड़ी थी और वह हर दिन अपने गांव से कई किलोमीटर दूर स्टेशन के लिए जाया करते थे काफी कड़ी मेहनत के अंडर-19 के ट्रायल में मोहम्मद शामी को रिजेक्ट कर दिया गया लेकिन यहां पर सभी ने हार नहीं मानी और वह कोलकाता जाकर डलोजी एथलेटिक क्लब की तरफ से खेले लगी और वहां पर खेलते हुए उनके शानदार लाइन लेंथ और स्पीड से काफी प्रभावित हुए और
SHAMI को 75000 का कॉन्ट्रैक्ट
फिर उन्होंने SHAMI को 75000 के कॉन्ट्रैक्ट के साथ अपनी टाउन क्लब में शामिल कर दिया दरअसल देवव्रत बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के एक असिस्टेंट सेक्रेटरी थे और उन्होंने अपने घर में श्रमिकों जगह भी दी थी क्योंकि उस समय तक सामी के पास रहने तक की जगह नहीं थी और फिर देवव्रत के कहने पर ही समर्पण बनर्जी क्योंकि उस समय बंगाल टीम के सिलेक्टेड थी उन्होंने बंगाल के अंदर 2020 में मोहम्मद शमी को शामिल कर दिया और फिर इसी बीच मोहन बागान क्लब से जुड़ने के बाद श्रमिकों सौरव गांगुली जैसे दिग्गज बल्लेबाज को ball करने का मौका मिला और फिर को देखते हुए उन पर ध्यान देने की टीम में शामिल कर लिया गया
| 1. Born | Sep 03, 1990 (30 years) |
| 2. Birth place | Jonagar, Bengal |
| 3. Batting style | Right Handed Bat |
| 4. mohammed shami's wife | Hasin Jahan |
नेशनल टीम में शामिल
और फिर इसी बीच 2010 में बंगाल की रणजी टीम में भी उन्हें शामिल कर लिया गया था और फिर घरेलू मैचों में भी सभी का दिल जीतने के बाद इंडिया ए के तरफ से भी खेलने का उन्हें मौका मिला और फिर लगातार शानदार परफॉर्मेंस के बाद से उन्हें आखिरकार देर ही सही लेकिन भारत के नेशनल टीम में शामिल कर लिया गया और अपना पहला मैच उन्होंने 6 जनवरी 2013 को पाकिस्तान के खिलाफ खेला था और दौड़ में शामिल कई सारे रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए थे और की
तरह से आगे भी अच्छे खेल को देखते हुए उन्हें टी-20 और टेस्ट मैच में भी खेलने का मौका दिया गया और दोस्तों से मिलने के साथ ही टीम के सबसे अहम तेज बॉलर बन गए थे दरअसल उस समय इशांत शर्मा खराब प्रदर्शन से जूझ रहे थे और बुमराह का अभी तक भारतीय क्रिकेट में उदय होना बाकी था और ऐसे में उस समय स्वामी ने अपने दम पर ही भारत को कई सारे जीते देना और मोहम्मद शमी नहीं ओडीआई में सबसे जल्दी 56 मैचों में 100 विकेट लेने का भी रिकॉर्ड अपने नाम कर दिया आगे चलकर उनका करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा लेकिन तकनीक में सुधार करने के बाद से जब उन्होंने वापसी की तब से ही वह भारत के सबसे अहम तेज गेंदबाजों में गिने जाने लगे
पर्सनल लाइफ
और दोस्तों मोहम्मद शमी को अपने पर्सनल लाइफ में भी काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना ध्यान कभी भी नहीं हटाया और यही वजह है कि श्रमिकों आज भी हम विश्व के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों की उम्मीद करते हैं कि मोहम्मद शमी की यह कहानी आपको जरूर ही पसंद आई आपका बहुत-बहुत धन्यवाद
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