Jasprit Bumrah full biography in hindi ||जसप्रित बुमराह की पूरी जीवनी हिंदी में

 

किसी ने सच ही कहा है कि जिंदगी खेलती भी उसी के साथ है जो खिलाड़ी बेहतरीन होता है और यह लाइन अगर कहें कि भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर बिल्कुल सटीक बैठता है तो या गलत नहीं होगा क्योंकि तेज बॉलिंग के क्षेत्र में हमेशा से ही पीछे रहने वाली भारतीय क्रिकेट टीम को एक नई ताकत देने वाले जसप्रीत बुमराह का अभी तक का यह सफर इतना आसान नहीं था क्योंकि एक मिडिल क्लास फैमिली में पैदा होने के बाद जब घर के मुखिया के मृत्यु बहुत जल्दी हो जाए ना तो फिर जिंदगी रुक जाती है लेकिन किस तरह से अपने संघर्ष के दम पर बुमराह ने सफलता पाई आज के इस article में हम यही जानेंगे तो चलिए ठीक है और करोड़ क्लब ball से किसी भी बल्लेबाज को परेशान करने वाले बॉलर बुमराह के लाइफ स्टोरी को हम शुरू से जानने की कोशिश करते हैं 




1. Born 6 दिसंबर 1993  (27 years)
2. Birth placeAhmedabad ,gujrat
3. MOTHER'S NAME दलजीत
4. Father's name  जसवीर सिंह

जसप्रीत बुमराह का जन्म || जसप्रीत बुमराह family

कहानी की शुरुआत होती है 6 दिसंबर 1993 से जब गुजरात के अहमदाबाद में जसप्रीत बुमराह का जन्म हुआ उनके पिता का नाम जसवीर सिंह था जो कि पेशे से एक बिजनेसमैन थे और उनकी मां का नाम दलजीत को जो कि एक स्कूल में बतौर प्रिंसिपल काम किया करती थी और इसके अलावा जसप्रीत के फैमिली में उनकी एक बहन भी है जिनका नाम जूहीका है और दोस्तों शूरू से ही bumrah ko खेलों में काफी दिलचस्पी थी और खासकर क्रिकेट को सबसे ज्यादा पसंद करते थे और वह शुरू से ही आम बच्चों से अलग क्योंकि जहां आमतौर पर बच्चों को बैटिंग करना ज्यादा पसंद होता है वहीं उन्हें बॉलिंग करने का शौक था और इसे अपने खेल को ज्यादा आसानी से आगे ले जा सके

जसप्रित बुमराह  उम्र

जसप्रित बुमराह 27 साल के हैं

स्कूल की पढ़ाई


 उन्होंने शुरुआती समय में अपने स्कूल की पढ़ाई nirmani हाई स्कूल की इसमें कि उनकी माही प्रिंसिपल के तौर पर काम किया करते हैं हालांकि जस्टिस जब महज 7 साल के थे तभी एक गंभीर बीमारी की वजह से उन्होंने अपने पिता को खो दिया और इन कठिन परिस्थितियों में मानो उनके परिवार पर आप ही टूट पड़ी और इस घटना से जसवीर के साथ-साथ उनकी बहन और मां सभी लोगों को बहुत ही गहरा सदमा पहुंचा लेकिन जसप्रीत की मां ने बहुत ही जल्द खुद को संभाला और अपने बच्चों के भविष्य को बनाने में जुटे और फिर समय के साथ जसप्रीत बुमराह का भी क्रिकेट में इंटरेस्ट बढ़ता गया और 14 साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट में करियर बनाने की इच्छा अपने मां के सामने जाहिर की हालांकि यहां पर पहले तो उनकी मां ने साफ साफ मना कर दिया क्योंकि वह जानती थी कि भारत के अंदर खेल में कंपटीशन कितना ज्यादा है लेकिन जब उन्होंने जसमीत के अंदर खेल का पागलपन देखो तब वह भी आखिरकार मानेगी और फिर

एमआरएफ पेस फाउंडेशन में ट्रेनिंग


 अपनी शानदार बॉलिंग से जसप्रीत बुमराह ने सभी को इतना प्रभावित किया कि उन्हें एमआरएफ पेस फाउंडेशन में ट्रेनिंग के लिए चुना था और दोस्तों आपको बता दें कि हमारा एमआरएफ फाउंडेशन बेसिकली चेन्नई में इतनी फास्ट बॉलर के लिए कोचिंग सेंटर है जहां पर अनुभवी कोशिश और एक्सपर्ट्स की देखरेख यह बाज अपनी गेंदबाजी को निकालते हैं और इसे फाउंडेशन नहीं भारतीय क्रिकेट को इरफान पठान मुनाफ पटेल आरपी सिंह जहीर खान और sreesnath से कई सारे तेज गेंदबाज दिए और फिर यहां पर आकर बुमराह को भी अपनी बोलिंग निखारने में काफी मदद मिलती और उनके परफॉर्मेंस को देखते हुए उन्हें अक्टूबर 2013 में पहली बार गुजरात के यहां पर अपना पहला मैच खेलते हुए यहां पर अपना पहला मैच विदर्भ क्रिकेट टीम के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने कुल 7 विकेट झटके और इस तरह से फर्स्ट क्लास क्रिकेट की शुरुआत उन्होंने काफी शानदार तरीके से और 

आईपीएल में खेलते हुए

फिर आगे चलकर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार खेल को देखते हुए 2013 में जॉन राइट ने उन्हें आईपीएल मुंबई इंडियंस की टीम में खिलाने का निर्णय से 19 साल की उम्र में इंडियन प्रीमियर लीग में अपने यहां के खिलाफ खेलते हुए मैच में ही 3 विकेट लेकर खुद के सिलेक्शन को सही ठहराया कि उन्हें आईपीएल मैचों में खेलने का मौका मिला था कि आईपीएल में खेलते हुए दिखाई दिए जहां पर उनका ठीक ठाक रहा और उन्होंने 11 मैचों में कुल 5 विकेट लिए हालांकि 2015 में इंजीनियर की वजह से वह आईपीएल का मैच तो नहीं खेल सके थे लेकिन घरेलू परफारमेंस उनका काफी शानदार रहा और इसी वजह से 27 जनवरी 2016 को भारत के नेशनल टीम से T20 मैच खेलने का उन्हें मौका मिला और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना T20 दिया था और यहां पर एक मौका मिलने के बाद बहुत ही जल्द भारतीय टीम का एक अहम हिस्सा बनकर इस साल यानी कि 2016 में उमरा T20 में सबसे ज्यादा 28 विकेट 

लेने वाले खिलाड़ी बने और फिर उनके धारदार बॉलिंग को देखते हुए उन्हें बहुत ही जल्द ओडीआई में भी खेलने के मौके मिलने लगी अंत में बस मैं यही कहना चाहता हूं कि यह काम परिवार में पैदा होने के बाद मुश्किल परिस्थितियों से उभर कर जिस तरह से बुमराह ने सफलता पाई वह काबिले तारीफ है और आगे भी हम इनके सफल कैरियर की कामना करते हैं क्योंकि अभी तो इस बाज की असली उड़ान बाकी है अभी तो इस परिंदे का इंतिहान बाकी है अभी बुमराह ने लाना है सिर्फ समंदर से आगे तो अभी पूरा आसमान बाकी है उम्मीद करते हैं कि जसप्रीत बुमराह की यह कहानी आपको जरूर पसंद आई हो आपका बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

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